भौतिकी संस्थान, भुवनेश्वर एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान है जो परमाणु ऊर्जा विभाग एवम उड़ीसा सरकार द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित हैं । आधिकारिक रूप से संस्थान की स्थापना 1972 मे उड़ीसा सरकार द्वारा की गई और 1972 मे इसे सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया । प्रा. टी. प्रधान के निर्देशन मे संस्थान ने सितंबर 4, 1974 को उत्कल विश्वविद्यालय के अतिथि गृह मे दो किराये के कमरो से कार्य की शुरुवात की । कुछ महीनो पश्चात्, संस्थान को शहीद नगर, भुवनेश्वर स्थित किराये के मकान मे स्थानांतरित किया गया , जहां निदेशक प्रा. टी. प्रधान के अतिरिक्त दो संकाय सदस्यो द्वारा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियो की शुरुवात जनवरी 1975 मे हुई । 1974 से 1981 तक संस्थान का संचालान इस किराये के भवन से हुआ और 1981 मे संस्थान को इसके वर्तमान परिसर मे स्थानांतरित किया गया । मार्च 25, 1985 को संस्थान को परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा लिया गया।

संस्थान के मामलो का प्रबंधन शासकीय परिषद् मे निहित हैं , जो नामित अध्यक्ष के रूप मे प्रख्यात वैज्ञानिक, संस्थान के निदेशक, परमाणु ऊर्जा विभाग एवम उड़ीसा सरकार द्वारा नामित सदस्यो से मिलकर बनी होती हैं। संस्थान के कुलसचिव ( Registrar ) परिषद् के सचिव के रूप मे कार्य करते हैं। संस्थान को इसकी वित्तीय सहायता का बड़ा हिस्सा परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार से प्राप्त होता हैं एवम उड़ीसा सरकार द्वारा अंशतः सहायता प्राप्त होती हैं। संस्थान को विशिष्ट अनुसंधान परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अन्य शासकीय संस्थाओ (जैसे CSIR और U.G.C.) से भी सहायता प्राप्त होती है।

पूर्व डॉक्टरल कार्यक्रम

पूर्व डॉक्टरल कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत भौतिकी और शोध पद्धति में व्यापक आधार शिक्षा प्रदान करना हैं। इसकी योजना इस तरह की गई है जिससे न केवल उसके डॉक्टरल अनुसंधान मे सहायता मिले अपितु डॉक्टरल अनुसंधान किये अथवा बगैर वह एक अच्छा भौतिकी शिक्षक बनने मे सक्षम हो। पूर्व डॉक्टरल कार्यक्रम मे प्रवेश के लिए चयन लिखित JEST एवम मौखिक परीक्षा दोनों मे प्रदर्शन के आधार पर होता हैं। लिखित परीक्षा, प्रवेश पऱीक्षा JEST हैं जो भारत में कई संस्थानों के लिए हैं। मौखिक परीक्षा के लिए छात्रों का चयन JEST में प्रदर्शन के आधार पर होता हैं। यह पाठ्यक्रम प्रति वर्ष अगस्त से जून तक चलाया जाता हैं , और संस्थान द्वारा उन्नत भौतिकी में डिप्लोमा से सम्मानित किया जाता हैं।

डॉक्टरेट कार्यक्रम

पूर्व डॉक्टरेट कार्यक्रम के पश्चात छात्र संस्थान के संकाय सदस्यों की देखरेख में अनुसंधान मे शामिल होने के पात्र होते हैं, जिसके लिए उन्हें परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के होमी Homi Bhabha National Institute of Department of Atomic Energy (डीएई) भाभा राष्ट्रीय संस्थान द्वारा पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया जाता हैं।

स्थानीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवम संस्थान के पूर्व छात्रों को अनुसंधान के लिए’ प्रोत्साहित करने के लिए , संस्थान ग्रीष्म कालीन एवम अन्य छुट्टीयो की अवधि के दौरान एक अल्पकालिक आगंतुक कार्यक्रम का आयोजन करता है. सभी आगंतुकों को वित्तीय सहायता यात्रा भत्ते एवम दैनिक भत्ते के रूप मे प्रदान की जाती हैं.